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राज्य का पहला अल्ट्रा थर्मल पावर प्लांट लगना प्रस्तावित प्रदेश के किस स्थान पर है

अल्ट्रा थर्मल पावर प्लांट

अल्ट्रा थर्मल पावर प्लांट

राज्य का पहला अल्ट्रा थर्मल पावर प्लांट प्रदेश के किस स्थान पर लगना प्रस्तावित हुआ है
- दानपुर (बाँसवाड़ा) xx प्रदेश में अक्षय ऊर्जा (सौर, विंड व बायोमॉस एनर्जी) उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी के बीच सरकार 2400 मेगावाट क्षमता का नया अल्ट्रा क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट स्थापित करने जा रही है। इसमें तीन यूनिट है और हर यूनिट 800 मेगावाट क्षमता की होगी। इसकी अनुमानित लागतं करीब 20 हजार करोड़ रु. आंकी गई है। इसके लिए बाँसवाडा के दान - " का चिन्हित किया गया है। सरकार इसी सुपर प्रोजेक्ट के जरिए ही बाँसवाड़ा और डूंगरपुर इलाके में रेल लाइन पहुँचाने की भूमिका भा बना रही है। क्योंकि, दानपुर में लगने वाले प्लांट में कोयला परिवहन के लिए रेल लाइन की जरूरत होगी । रत मे यहां तक रेल लाइन भी पहुँच जाएगी। जिसकी दूरी 58 किमी. है।

 1. सब क्रिटिकल प्लांट-    राज्य में सबसे ज्यादा सब क्रिटिकल थर्मल पावर प्लाट हैं। इनमें एक यूनिट बिजली उत्पादन में 600 ग्राम कोयला उपयोग आ रहा है।

 2. सुपर क्रिटिकल प्लांट:-     ऐसी चार यूनिट हैं और यहाँ एक यूनिट बिजली उत्पादन में 500 ग्राम कोयले की खपत हो रही है। 

3. अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल प्लांट:-  प्रदेश में पहला अत्याधुनिक प्लांट होगा, जिसमें 450 ग्राम कोयले से ही एक यूनिट बिजली बन जाएगी। & कोटा थर्मल प्लांट में 1240 मेगावाट की 7 यूनिट हैं और इसमें से 640 मेगावाट के तीन यूनिट की लाइफ इसी साल खत्म हो रही हैं। & इसके अलावा सूरतगढ़ सब क्रिटिकल की 3 यूनिट वर्ष 2024 व 2025 में रिटायर हो जाएगी। इसलिए नए थर्मल पावर प्लांट की जरूरत है और इसे बनने में चार साल लगेंगे। जबकि, राजस्थान में 10 हजार मेगावाद में प्लांट पार्क लग चुके हैं और वर्ष 2025 तक इसे 30 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य है । -

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